कैसे कह दू प्यार मेरे तुमसे कितना प्यार है
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तेरी ही बाँहों में सिमटा मेरा ये संसार है ||
तुम ख़ुशी हो तुम हंसी हो तुम हो मेरी कल्पना |
तेरे ही तल से जुड़ा मेरा हर एक आधार है ||
हर सुबह तुमसे है मेरी, तुमसे मेरी शाम है |
रात के हर एक पेहेर पे बस तुम्हारा नाम है ||
तेरी ही खुसबू बसी मेरी महेकती सांस में |
तेरी हर धड़कन का चर्चा मेरे दिल पे आम है ||
दूर हो कर भी जो तूने छू लिया यु पास से |
जुड़ गया एहसास मेरा तेरे दिल की आस से ||
चन्द पल की ये जुदाई फिर तुम और मैं हम हुए |
बंध गया ये डोर अपना, अपनों के विस्वास से ||
जी लू तुझको देख कर, और तुझपे ही मरता रहु |
वार के खुद को तुम्ही पे प्यार मैं करता रहु ||
जो भी हो सपने तुम्हारे देख कर इन आँखों से |
संग तेरे ख्वाहिसों की राह पर चलता रहु ||
तेरी खुशियों में छुपा मेरी ख़ुशी का सार है |
तू हसे तो जीत मेरी, रो दे तू तो हार है ||
है बहुत अरमान बाकी अब भी दिल में राज से |
कैसे कह दू प्यार मेरे तुमसे कितना प्यार है ||
Navneet_30082017
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